Shri Amar Katha: Difference between revisions

DeepakKeswani (talk | contribs)
Created page with "Shri Amar Katha by Shri Jhulelal Varundev Mandir, Bharuch"
 
DeepakKeswani (talk | contribs)
No edit summary
 
(11 intermediate revisions by the same user not shown)
Line 1: Line 1:
Shri Amar Katha by Shri Jhulelal Varundev Mandir, Bharuch
Shri Amar Katha by Shri Jhulelal Varundev Mandir, Bharuch. [[Gurmukh Chughria]] announced about this book availability at Puj Chaliha Sahib Jhulelal Mandir with nominal Bheta. You can order this online from Sindhi Bazaar Website.
 
== Index ==
 
'''श्री अमरकथा के अध्यायों की झलक'''
 
क्र      अध्याय विषय                      पृष्ट सं
 
#. प्रस्तावना
#. नारद मुनि और ऋषि संवाद अमर कथा. आरम्भ विधि (1-8)
#. पहला अध्याय - नभवाणी/आकाशवाणी प्रकरण  (8-13)
#. दूसरा अध्याय - श्री उदयचन्द अमरलाल का जन्म (4-8)
#. तीसरा अध्याय  - अमरलीला जल से सेना प्रकट, मंत्री को दर्शन देना  (9-25)
#. चौथा अध्याय  - श्री अमरलाला का ठटे नगर में अधर्मी मिर्ख शाह को उपदेश  (26-32)
#. पाचवां अध्याय - मिर्ख शाह का शक्ति परिक्षण और हारना. (32-43)
#. छठा अध्याय  - सिद्ध वन्दना, जल ज्योति का पूजन (43-57)
#. सातवां अध्याय - सृष्टि रचना सूक्ष्म वर्णन, सुन्दरदासं को चर्तुभुज दर्शन, तुर्कों को उपदेश, जप साहिब, सुख उत्पत्ति व आरतहित  (57-74)
#. आठ्वां अध्याय - नसरपुर में प्रभु का आगमन, मुण्डन संस्कार, पाठशाला जाना                    (74-79)
#. नौवंा अध्याय .... - श्री अमरलाल-महादेव संवाद, गुरू दीक्षा गुरू महिमा, अर्थवेद मन्त्र        (79-92)
#.  दसवां अध्याय... आपे गुरू आपे चेला, जगमर्यादा स्थापना, लोगों की शंका निवारण:          (92-98)
#. ग्यारहवां अध्याय - श्री अमरलाल द्वारा पुगर सन्त को दीक्षा देना जल ज्योति के सेवा की. विधि, का वर्णन, विद्या गुरू की मरी गाय को जीवन दान (98-110)
#. बारहवां अध्याय. - भक्त धना, सुन्दरदास, पुगरसन्त व माता पिता को दिव्य दर्शन व मोक्ष सुन्दरदास द्वारा अमरकथा रचना की आज्ञा पाना  (110-117)
#. तेरहवां अध्याय - जललोक में दर्शन, सन्त पुगर द्वारा स्तुति, सात अमुल्य वस्तुएं प्रदान चालीहा व्रत, जल में आइुति की विधि, गुरु रखड़ी का. महत्व| माता द्वारा शुंभ-निशुंभ का. वध, राजा कुद्रम द्वारा वरुण बली द्वारा आपदा निवारण, क्षीर सागर में वरुणदेव और विष्णु भगवान की स्तुति (117-174)
#. चौदहवां अध्याय. - अमर गादी सन्त ठकुर पुगरदेव को, सन्त पुगर द्वारा जल ज्योति की पूजा करवाना, अमरनाथ, बद्रीनाथ, मानसरोवर, हिंगलाज की यात्रा (175-204)
#. पन्द्रहवां अध्याय - वद्धावस्था में सन्त पुगरदेव को पुत्र, अम्माबाई जन्म प्रकरण (205-227)
#. सोलहवां अध्याय - हैग्रीव देव द्वारा दैत्यो का नाश, देवों को आनन्द (228-230)
#. सत्रहवां अध्याया. - हिंगलाज माता, कुनुकलाची (कराची), मनोहर स्थान, सुजाननाथ व गौरखनाथ का वर्णन (231-235)
#. अठारहवां अध्याय - बालभे में 68 तीर्थो का समावेश, उदयचन्द्र अर्न्तध्यान स्थल तीर्थ स्थान (235-262)
#. उन्‍नीसवां अध्याय - बिबिर तिबर पुगर सन्त वार्ता, सन्त पुगर द्वारा जल लोक गमन (263-270)
#. बीसवां अध्याय - अमाबाई द्वारा तप करना, सन्त पुगर का घर लौट आना पुत्र प्राप्ति (270-283)
#. इक्कीसवां अध्याय- ठाकुर बुढढालाल के जन्म अवसर पर श्री अमरलाल जी की उपस्थिति और सहस्त्र नाम. (283-292)
#. बाईसवां अध्याय - सन्त पुगर, निर्मलाबाई का अमरलोक जाना, अम्माबाई अर्न्तध्यान -(292-303)
#. तेईसवां अध्याय. - श्री अमरकथा का महात्तम  - (303-305)
#. भगवान श्री झूलेलाल/सन्त ठकुर पुगरदेव के वर्तमान गादेश्वर का सक्षिप्त परीचय  (305-319)
#. गिरगिट की कथा (319-321)
#. भगवान श्री उदयचन्द्र द्वारा श्री सांख्ययोग तत्वज्ञान का वर्णन (322-353)
#. पंचोपचार पूजा विधि, श्री अमरलाल साहिब का अष्टक, श्री कृष्ण द्वारा अर्जुन को वरुण का महत्व बताना रोजाना नितनेम, आरती व पल्‍्लव, श्री अमर चालीसा (354-367)
#. ठकुर परिवार की वंशावली (368)
 
[[File:Shree-Amar-Katha-Cover1.jpg|500px|Shree Amar Katha, Shri Jhulelal Varundev Mandir, Bharuch]]
[[File:Shree-Amar-Katha-Cover2.jpg|500px|Shree Amar Katha, Shri Manishlal, 9200000430]]
[[File:Shree-Amar-Katha-3.jpg|500px|Shree Amar Katha, Shri Jhulelal Varundev Mandir, Bharuch]]
[[File:Shree-Amar-Katha-4.jpg|500px|Shree Amar Katha, Shri Jhulelal Varundev Mandir, Bharuch]]
[[File:Shree-Amar-Katha-5.jpg|500px|Shree Amar Katha, Shri Jhulelal Varundev Mandir, Bharuch]]
[[File:Shree-Amar-Katha-6.jpg|500px|Shree Amar Katha, Shri Jhulelal Varundev Mandir, Bharuch]]
[[File:Shree-Amar-Katha-7.jpg|500px|Shree Amar Katha, Shri Jhulelal Varundev Mandir, Bharuch]]
 
 
[[File:Shri-Amar-Katha-Book.jpeg|thumb|Shri Amar Katha of Jhulelal Sain Book]]
[[File:Shri-Amar-Katha-with-Gurmukh-Chughria.jpg|thumb|Shri Amar Katha Book announcement by [[Gurmukh Chughria]]]]
[[File:Amar-Katha-to-Lal-Sai-Ansh-Yog-Mandir.jpeg|thumb|Shri Amar Katha given by Jaiprakash ji to Mr. Lal Achhra]]
 
 
 
== External References ==
Order Online from https://sindhibazaar.com/home/111