Shri Amar Katha: Difference between revisions

DeepakKeswani (talk | contribs)
No edit summary
DeepakKeswani (talk | contribs)
No edit summary
 
Line 21: Line 21:
#. ग्यारहवां अध्याय - श्री अमरलाल द्वारा पुगर सन्त को दीक्षा देना जल ज्योति के सेवा की. विधि, का वर्णन, विद्या गुरू की मरी गाय को जीवन दान (98-110)
#. ग्यारहवां अध्याय - श्री अमरलाल द्वारा पुगर सन्त को दीक्षा देना जल ज्योति के सेवा की. विधि, का वर्णन, विद्या गुरू की मरी गाय को जीवन दान (98-110)
#. बारहवां अध्याय. - भक्त धना, सुन्दरदास, पुगरसन्त व माता पिता को दिव्य दर्शन व मोक्ष सुन्दरदास द्वारा अमरकथा रचना की आज्ञा पाना  (110-117)
#. बारहवां अध्याय. - भक्त धना, सुन्दरदास, पुगरसन्त व माता पिता को दिव्य दर्शन व मोक्ष सुन्दरदास द्वारा अमरकथा रचना की आज्ञा पाना  (110-117)
#. तेरहवां अध्याय - जललोक में दर्शन, सन्त पुगर द्वारा स्तुति, सात अमुल्य वस्तुएं प्रदान चालीहा व्रत, जल में आइुति की विधि, गुरु रखड़ी का. महत्व | माता द्वारा शुंभ-निशुंभ का. वध, राजा कुद्रम द्वारा वरुण बली द्वारा आपदा निवारण, क्षीर सागर में वरुणदेव और विष्णु भगवान की स्तुति (117-174)
#. तेरहवां अध्याय - जललोक में दर्शन, सन्त पुगर द्वारा स्तुति, सात अमुल्य वस्तुएं प्रदान चालीहा व्रत, जल में आइुति की विधि, गुरु रखड़ी का. महत्व| माता द्वारा शुंभ-निशुंभ का. वध, राजा कुद्रम द्वारा वरुण बली द्वारा आपदा निवारण, क्षीर सागर में वरुणदेव और विष्णु भगवान की स्तुति (117-174)
#. चौदहवां अध्याय. - अमर गादी सन्त ठकुर पुगरदेव को, सन्त पुगर द्वारा जल ज्योति की पूजा करवाना, अमरनाथ, बद्रीनाथ, मानसरोवर, हिंगलाज की यात्रा (175-204)
#. चौदहवां अध्याय. - अमर गादी सन्त ठकुर पुगरदेव को, सन्त पुगर द्वारा जल ज्योति की पूजा करवाना, अमरनाथ, बद्रीनाथ, मानसरोवर, हिंगलाज की यात्रा (175-204)
#. पन्द्रहवां अध्याय - वद्धावस्था में सन्त पुगरदेव को पुत्र, अम्माबाई जन्म प्रकरण (205-227)
#. पन्द्रहवां अध्याय - वद्धावस्था में सन्त पुगरदेव को पुत्र, अम्माबाई जन्म प्रकरण (205-227)
Line 28: Line 28:
#. अठारहवां अध्याय - बालभे में 68 तीर्थो का समावेश, उदयचन्द्र अर्न्तध्यान स्थल तीर्थ स्थान (235-262)
#. अठारहवां अध्याय - बालभे में 68 तीर्थो का समावेश, उदयचन्द्र अर्न्तध्यान स्थल तीर्थ स्थान (235-262)
#. उन्‍नीसवां अध्याय - बिबिर तिबर पुगर सन्त वार्ता, सन्त पुगर द्वारा जल लोक गमन (263-270)
#. उन्‍नीसवां अध्याय - बिबिर तिबर पुगर सन्त वार्ता, सन्त पुगर द्वारा जल लोक गमन (263-270)
#. बीसवां अध्याय - अमाबाई द्वारा तप करना, सन्त YOR का घर लौट आना पुत्र प्राप्ति (270-283)
#. बीसवां अध्याय - अमाबाई द्वारा तप करना, सन्त पुगर का घर लौट आना पुत्र प्राप्ति (270-283)
#. इक्कीसवां अध्याय- ठाकुर बुढढालाल के जन्म अवसर पर श्री अमरलाल जी की उपस्थिति और सहस्त्र नाम. (283-292)
#. इक्कीसवां अध्याय- ठाकुर बुढढालाल के जन्म अवसर पर श्री अमरलाल जी की उपस्थिति और सहस्त्र नाम. (283-292)
#. बाईसवां अध्याय - सन्त पुगर, निर्मलाबाई का अमरलोक जाना, अम्माबाई अर्न्तध्यान -(292-303)
#. बाईसवां अध्याय - सन्त पुगर, निर्मलाबाई का अमरलोक जाना, अम्माबाई अर्न्तध्यान -(292-303)