Shri Amar Katha by Shri Jhulelal Varundev Mandir, Bharuch. Gurmukh Chughria announced about this book availability at Puj Chaliha Sahib Jhulelal Mandir with nominal Bheta. You can order this online from Sindhi Bazaar Website.

Index

श्री अमरकथा के अध्यायों की झलक

क्र अध्याय विषय पृष्ट सं

  1. . प्रस्तावना
  2. . नारद मुनि और ऋषि संवाद अमर कथा. आरम्भ विधि (1-8)
  3. . पहला अध्याय - नभवाणी/आकाशवाणी प्रकरण (8-13)
  4. . दूसरा अध्याय - श्री उदयचन्द अमरलाल का जन्म (4-8)
  5. . तीसरा अध्याय - अमरलीला जल से सेना प्रकट, मंत्री को दर्शन देना (9-25)
  6. . चौथा अध्याय - श्री अमरलाला का ठटे नगर में अधर्मी मिर्ख शाह को उपदेश (26-32)
  7. . पाचवां अध्याय - मिर्ख शाह का शक्ति परिक्षण और हारना. (32-43)
  8. . छठा अध्याय - सिद्ध वन्दना, जल ज्योति का पूजन (43-57)
  9. . सातवां अध्याय - सृष्टि रचना सूक्ष्म वर्णन, सुन्दरदासं को चर्तुभुज दर्शन, तुर्कों को उपदेश, जप साहिब, सुख उत्पत्ति व आरतहित (57-74)
  10. . आठ्वां अध्याय - नसरपुर में प्रभु का आगमन, मुण्डन संस्कार, पाठशाला जाना (74-79)
  11. . Nineth अध्याय .... - श्री अमरलाल-महादेव संवाद, गुरू दीक्षा गुरू महिमा, अर्थवेद मन्त्र (79-92)
  12. . दसवां अध्याय... आपे गुरू आपे चेला, जगमर्यादा स्थापना, लोगों की शंका निवारण: (92-98)
  13. . ग्यारहवां अध्याय - श्री अमरलाल द्वारा पुगर सन्त को दीक्षा देना जल ज्योति के सेवा की. विधि, का वर्णन, विद्या गुरू की मरी गाय को जीवन दान (98-110)
  14. . बारहवां अध्याय. - भक्त धना, सुन्दरदास, पुगरसन्त व माता पिता को दिव्य दर्शन व मोक्ष सुन्दरदास द्वारा अमरकथा रचना की आज्ञा पाना (110-117)
  15. . तेरहवां अध्याय - जललोक में दर्शन, सन्त पुगर द्वारा स्तुति, सात अमुल्य वस्तुएं प्रदान चालीहा व्रत, जल में आइुति की विधि, गुरु रखड़ी का. महत्व | माता द्वारा शुंभ-निशुंभ का. वध, राजा कुद्रम द्वारा वरुण बली द्वारा आपदा निवारण, क्षीर सागर में वरुणदेव और विष्णु भगवान की स्तुति (117-174)
  16. . चौदहवां अध्याय. - अमर गादी सन्त ठकुर पुगरदेव को, सन्त पुगर द्वारा जल ज्योति की पूजा करवाना, अमरनाथ, बद्रीनाथ, मानसरोवर, हिंगलाज की यात्रा 75-2० i '
  17. . पन्द्रहवां अध्याय - वद्धावस्था में सन्त पुगरदेव को पुत्र, अम्माबाई जन्म प्रकरण 205-2l)
  18. . सोलहवां अध्याय - हैग्रीव देव द्वारा दैत्यो का नाश, देवों को आनन्द (228-2)
  19. . सत्रहवां अध्याया. - हिंगलाज माता, कुनुकलाची (कराची), मनोहर स्थान, सुजाननाथ व गौरखनाथ का वर्णन 237235
  20. . अठारहवां अध्याय - बालभे में 68 Mell BT समावेश, उदयचन्द्र अर्न्तध्यान स्थल तीर्थ स्थान... 235-262
  21. . उन्‍नीसवां अध्याय - बिबिर तिबर पुगर सन्त वार्ता, सन्त पुगर द्वारा जल लोक गमन 263-27i
  22. . बीसवां अध्याय - अमाबाई द्वारा तप करना, सन्त YOR का घर लौट आना पुत्र प्राप्ति 270-2 ii
  23. . इक्कीसवां अध्याय- ठाकुर बुढढालाल के जन्म अवसर पर श्री अमरलाल जी की उपस्थिति और सहस्त्र नाम. 283-292
  24. . बाईसवां अध्याय - सन्त पुगर, निर्मलाबाई का अमरलोक जाना, अम्माबाई अर्न्तध्यान 292-303
  25. . तेईसवां अध्याय. - श्री अमरकथा का महात्तम 303-305
  26. . भगवान श्री झूलेलाल/सन्त ठकुर पुगरदेव के वर्तमान गादेश्वर का सक्षिप्त परीचय 305-39'
  27. . गिरगिट की कथा (319-321)
  28. . भगवान श्री उदयचन्द्र द्वारा श्री सांख्ययोग तत्वज्ञान का वर्णन (322-353)
  29. . पंचोपचार पूजा विधि, श्री अमरलाल साहिब का अष्टक, श्री कृष्ण द्वारा अर्जुन को वरुण का महत्व बताना रोजाना नितनेम, आरती व पल्‍्लव, श्री अमर चालीसा (354-367)
  30. . ठकुर परिवार की वंशावली (368)

             


 
Shri Amar Katha of Jhulelal Sain Book
 
Shri Amar Katha Book announcement by Gurmukh Chughria
 
Shri Amar Katha given by Jaiprakash ji to Mr. Lal Achhra


External References

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